युग

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

युग, हिंदु सभ्यता के अनुसार, एक निर्धारित संख्या के वर्षों की कालावधि है। ब्रम्हांड का काल चक्र चार युगों के बाद दोहराता है। हिन्दू ब्रह्माण्ड विज्ञान से हमे यह पता चलता है की हर ४.१-८.२ अरब सालों बाद ब्रम्हांड में जीवन एक बार निर्माण एवं नष्ट होता है। इस कालावधि को हम ब्रह्मा का एक पूरा दिन (रात और दिन मिलाकर) भी मानते है। ब्रह्मा का जीवनकाल ४० अरब से ३११० अरब वर्षों के बीच होता है।

काल के अंगविशेष के रूप में 'युग' शब्द का प्रयोग ऋग्वेद से ही मिलता है (दश युगे, ऋग्0 1.158.6) इस युग शब्द का परिमाण अस्पष्ट है। ज्यौतिष-पुराणादि में युग के परिमाण एवं युगधर्म आदि की सुविशद चर्चा मिलती है।

वेदांग ज्योतिष में युग का विवरण है (1,5 श्लोक)। यह युग पंचसंवत्सरात्मक है। कौटिल्य ने भी इस पंचवत्सरात्मक युग का उल्लेख किया है। महाभारत में भी यह युग स्मृत हुआ है। पर यह युग पारिभाषिक है, अर्थात् शास्त्रकारों ने शास्त्रीय व्यवहारसिद्धि के लिये इस युग की कल्पना की है।

अनुक्रम

  [छुपाएँ

युग आदि का परिमाण

मुख्य लौकिक युग सत्य (उकृत), त्रेता, द्वापर और कलि नाम से चार भागों में (चतुर्धा) विभक्त है। इस युग के आधार पर ही मन्वंतर और कल्प की गणना की जाती है। इस गणना के अनुसार सत्य आदि चार युग संध्या (युगारंभ के पहले का काल) और संध्यांश (युगांत के बाद का काल) के साथ 12000 वर्ष परिमित होते हैं। चार युगों का मान 4000 + 3000 + 2000 + 1000 = 10000 वर्ष है; संध्या का 400 + 300 + 200 + 100 = 1000 वर्ष; संध्यांश का भी 1000 वर्ष है। युगों का यह परिमाण दिव्य वर्ष में है। दिव्य वर्ष = 360 मनुष्य वर्ष है; अत: 12000 x 360 = 4320000 वर्ष चतुर्युग का मानुष परिमाण हुआ। तदनुसार सत्ययुग = 1728000; त्रेता = 1296000; द्वापर = 864000; कलि = 432000 वर्ष है। ईद्दश 1000 चतुर्युग (चतुर्युग को युग भी कहा जाता है) से एक कल्प याने ब्रह्मा की आयु 100 वर्ष है। 71 दिव्ययुगों से एक मन्वंतर होता है। यह वस्तुत: महायुग है। अन्य अवांतर युग भी है।

युगधर्म

मुख्य लेख : युगधर्म

युगधर्म का विस्तार के साथ प्रतिपादन इतिहास पुराणों में बहुत मिलता है (देखिये, मत्स्यपुरण 142-144 अ0; गरूड़पुराण 1.223 अध्यय; वनपर्व 149 अध्याय)। किस काल में युग (चतुर्युग) संबंधी पूर्वोक्त धारण प्रवृत्त हुई थी, इस संबंध में गवेषकों का अनुमान है कि खोष्टीय चौथी शती में यह विवरण अपने पूर्ण रूप में प्रसिद्ध हो गया था। वस्तुत: ईसा पूर्व प्रथम शती में भी यह काल माना जाए तो कोई दोष प्रतीत नहीं होता।

कलियुग का आरम्भ

विद्वानों ने कलियुगारंभ के विषय में विशिष्ट विचार किया है। कुछ के विचार से महाभारत युद्ध से इसका आरंभ होता है, कुछ के अनुसार कृष्ण के निधन से तथा एकाध के मत से द्रौपदी की मृत्युतिथि से कलि का आरंभ माना जा सकता है। यत: महाभारत युद्ध का कोई सर्वसंमत काल निश्चत नहीं है, अत: इस विषय में अंतिम निर्णय कर सकना अभी संभव नहीं है।

 

देववाणी एंड्रायड एप डाउनलोड

वार्ताः


पितृपक्ष की हकीकत

#जो_पितृपक्ष को दिखावा कहते हैं उनके लिए। हमारे #पितर और हम [ ... ]

अधिकम् पठतु
संघ शाखा लगाने की पद्धति...

🙏गुरु पुर्णिमा महोत्सव🙏
२७/०७/२०१८/- शुक्रवार
------------------------------- [ ... ]

अधिकम् पठतु
महाभारत के युद्ध में भोजन प्रबंधन...

*🔥।। महाभारत के युद्ध में भोजन प्रबंधन।।🔥*

*महाभारत को हम  [ ... ]

अधिकम् पठतु
राम रक्षा स्त्रोत को पढकर रह सकते हैं भयमुक्त...

राम रक्षा स्त्रोत को ग्यारह बार एक बार में पढ़ लिया जाए तो  [ ... ]

अधिकम् पठतु
आज से हमारे त्योहार शुरू हो गए एवं शादी ब्याह जैसे...

आज से हमारे पर्व एवं त्योहार शुरु हो गए हैं.. जरा नोट 📝 कर ल [ ... ]

अधिकम् पठतु
चंद्रग्रहण जुलाई २०१८ आषाढ १५...

🌕🌖🌗🌘🌑

*चंद्र ग्रहण*
27-28 जुलाई 2018 आषाढ़ पूर्णिमा ( *गुरु पूर् [ ... ]

अधिकम् पठतु
भारत की दुर्दशा.और आरक्षण का जड ...

भारत की दुर्दशा.और आरक्षण का जड



खुशनुमा आर्यावर्त. ..सोने  [ ... ]

अधिकम् पठतु
राजा जनक के गुरू अष्टावक्र...

महाराजा जनक के गुरु अष्टावक्र जी एक सम्पूर्ण प्रस्तुति,,,,
 [ ... ]

अधिकम् पठतु
श्वेतार्क गणपति पूजन विधान...

श्वेतार्क गणपति पूजन विधान
〰️〰️🔸〰️🔸〰️🔸〰️〰️
गणेश प्रतिम [ ... ]

अधिकम् पठतु
११५ ऋषियों के नाम,जो कि हमारा गोत्र भी है...* ...

*११५ ऋषियों के नाम,जो कि हमारा गोत्र भी है...* =================================== च [ ... ]

अधिकम् पठतु
आपकी राशि के अनुसार शिव अर्चना...

आपकी राशि और शिव पूजा शिव पुराण में उल्लेख हैं की महाशिवर [ ... ]

अधिकम् पठतु
बुद्ध और ब्राम्हण

बुद्ध और ब्राह्मण मूलनिवासी अकसर ब्राह्मणों को कोसते है [ ... ]

अधिकम् पठतु
सोमवार के ही दिन शिव की पूजा क्यों करते हैं जानें ...

🌿🌸🍃🌺🌿🌸🍃🌺🌿🌸🍃 *क्यों सोमवार" को ही *भगवान शिव की पूजा कर [ ... ]

अधिकम् पठतु
जानें महाशिवरात्री का वैज्ञानिक पहलू एवं छ्मा मंत्...

💐✍💐 *जानें महाशिवरात्रि का वैज्ञानिक पहलू और क्षमा मन्त [ ... ]

अधिकम् पठतु
रावण पराजय और सीता हरण क्यों...

*“ रावण - पराजय और सीता - हरण क्यों ?
“* नारायण ! श्रीमद् देवीभ [ ... ]

अधिकम् पठतु
अन्य लेख