अधमा धनमिच्छन्ति धनमानौ हि मध्यमा:।

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

अधमा धनमिच्छन्ति धनमानौ हि मध्यमा:।

उत्तमा मानमिच्छन्ति मानो हि महतां धनम्।।

अधम मनुष्य धन की इच्छा करते हैं, मध्यम मनुष्य धन और मान की इच्छा करते हैं किन्तु उत्तम मनुष्य मान की ही इच्छा करते हैं। महान व्यक्तियों का धन तो मान ही है।

- गरुड.पुराण (1/115/12)

हिन्दू मन का उत्सव

सोचा जा सकता है कि सर विद्याधर सूरजप्रसाद नायपाल को साहित्य का नोबल सम्मान मिलने पर किसको खुशी हुई है और किसके मन में उदासी छाई हुई है? उन्होंने अब तक जो कुछ भी लिखा है वह एक हिन्दू मन की पीड़ा को अभिव्यक्त करता है। अयोध्या आन्दोलन के समय एक साक्षात्कार में उन्होंने उसका समर्थन किया था और बाबरी ढांचे के ध्वंस को शताब्दियों से जमा हिन्दुओं के क्षोभ का प्रकटीकरण बताया था।

कुछ समय पहले उन्होंने न्यूयार्क टाइम्स के साहित्य परिशिष्ट में छह किस्तों में लम्बा लेख लिखा था। इसमें उन्होंने हिन्दुओं के सामूहिक स्मृतिलोप पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिन्दू अपने दमित इतिहास से स्वयं को काटकर जी रहे हैं।

उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार आर.के. नारायण के लेखन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी कथाओं के काल्पनिक नगर मालगुड़ी से कुछ ही दूरी पर हम्पी के अवशेष हैं। यहां के विशाल और अद्वितीय हिन्दू साम्राज्य को मुस्लिम हमलावरों ने बर्बरता से ध्वस्त किया। परन्तु मालगुड़ी की अनंत कथाओं में कहीं भी, किसी भी मोड़ पर उस हिन्दू साहित्यकार को अपने पुरखों की वेदना और एक अद्वितीय साम्राज्य के टूटने की टीस दर्ज करने का मन नहीं हुआ। यह और कुछ नहीं अपने दमित इतिहास से खुद को दूर करने का प्रयास है।

विद्याधर सूरजप्रसाद नायपाल ने अपनी रचनाओं में सदियों से विदेशी हमलों और विदेशी औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त भारतीय समाज को अपने मूल स्वरूप की पहचान करायी।

आश्चर्य की बात है कि नायपाल की रचनाओं के जिस सत्य का दर्शन नोबल पुरस्कार निर्णायक समिति ने किया उसे भारत की सेकुलर जमात न पढ़ पाई, न समझ पाई और न देख पाई। भारत के अंग्रेजी अखबारों को लीजिए। नायपाल के प्रति विषवमन से भरे रहते हैं। विशेषकर जबसे नायपाल ने "बियांड द बिलीफ' अर्थात् मतान्तरित मुस्लिमों की विडम्बनाओं एवं अपनी जमीन से कटकर अरब सांस्कृतिक वातावरण के कृत्रिम आवरण को ओढ़ने वाले जीवन पर लिखा, तबसे भारत के सेकुलरों ने नायपाल के खिलाफ जिहाद छेड़ दिया।

पर इन तत्वों ने हमेशा से मुंह की खायी है। ये तत्व भारतीय मानस, भारतीय मन और अस्मिता से वैसे ही कटे हुए हैं, जैसे तालाब में पनपने वाली सत्यानाशी।

यह सत्य है कि हम इन नोबल पुरस्कारों पर दैवी श्रद्धा नहीं रखते, परन्तु नायपाल को मिला सम्मान दमित हिन्दू इतिहास की वेदना को मिली अन्तरराष्ट्रीय मान्यता है। इसलिए इस पुरस्कार का अवसर हिन्दू मन का उत्सव है।

विद्याधर सूरजप्रसाद नायपाल को और आप सबको भी बधाई!

3

 

प्रवेश पटलं

वार्ताः


श्री भवानी अष्टकम

 ॥**अन्नकूट महोत्सव की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं*

*श्री भ [ ... ]

अधिकम् पठतु
भगवान धनवंतरि कौन

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्त [ ... ]

अधिकम् पठतु
सप्तशती विवेचन

|| सप्तशती विवेचन ||
मेरुतंत्र में व्यास द्वारा कथित तीनो च [ ... ]

अधिकम् पठतु
धनतेरस २०१७ विशेष

धनतेरस 2017 :-
यह पर्व प्रति वर्ष कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की  [ ... ]

अधिकम् पठतु
दीपावली के अचूक मंत्र...

🌻🌻दीपावली के अचूक मन्त्र 🌻🌻
दीपावली कि रात्रि जागरण कि  [ ... ]

अधिकम् पठतु
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं- जानें धनतेरस पूजन वि...

©*धनतेरस पूजन विधि*
( घर में धन धान्य वृद्धि और सुख शांति के  [ ... ]

अधिकम् पठतु
उपमालङ्कारः

उपमालङ्कारस्तु एकः अर्थालङ्कारः वर्तते । 'उपमा कालिदासस [ ... ]

अधिकम् पठतु
रावणः

रावणः ( ( शृणु) (/ˈrɑːvənəhə/)) (हिन्दी: रावन, आङ्ग्ल: Ravan) रामायणस्य म [ ... ]

अधिकम् पठतु
शारदा देवी मंदिर

शारदा देवी मंदिर मध्य प्रदेश के सतना ज़िले में मैहर शहर म [ ... ]

अधिकम् पठतु
विंध्यवासिनी का इतिहास...

🔱जय माँ विंध्यवासिनी🔱* *विंध्यवासिनी का इतिहास* *भगवती  [ ... ]

अधिकम् पठतु
हकीकतरायः

हकीकतरायः कश्चन स्वतन्त्रसेनानी बालकः आसीत्, यः मुस्लिम [ ... ]

अधिकम् पठतु
भारतीय-अन्तरिक्ष-अनुसन्धान-सङ्घटनम् (ISRO)...

भारतीय-अन्तरिक्ष-अनुसन्धान-सङ्घटनम् (इसरो, आङ्ग्ल: Indian Space Res [ ... ]

अधिकम् पठतु
ऐतरेयोपनिषत्

ऐतरेयोपनिषत् (Aitareyopanishat) ऋग्वेदस्य ऐतरेयारण्यके अन्तर्गता  [ ... ]

अधिकम् पठतु
आहुति के दौरान “स्वाहा” क्यों कहा जाता है?...

Swaha आहुति के दौरान “स्वाहा” क्यों कहा जाता है?...

स्वाहा का म [ ... ]

अधिकम् पठतु
वैदिक ब्राह्मणों को वर्ष भर में आत्मशुद्धि का अवसर...

Importance of rakhi
वैदिक ब्राह्मणों को वर्ष भर में आत्मशुद्धि का अवस [ ... ]

अधिकम् पठतु
अन्य लेख