भोजन सम्बन्धी कुछ नियम

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive
 

भोजन सम्बन्धी कुछ नियम

सनातन धर्म के अनुसार भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है

?

१ पांच अंगो ( दो हाथ ,v २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे !

 

२. गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है !

 

३. प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है !

 

४. पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए !

 

५. दक्षिण दिशा की ओर किया हुआ भोजन प्रेत को प्राप्त होता है !

 

६ . पश्चिम दिशा की ओर किया हुआ भोजन खाने से रोग की वृद्धि होती है !

 

७. शैय्या पर , हाथ पर रख कर , टूटे फूटे वर्तनो में भोजन नहीं करना चाहिए !

 

८. मल मूत्र का वेग होने पर , कलह के माहौल में , अधिक शोर में , पीपल , वट वृक्ष के नीचे , भोजन नहीं करना चाहिए !

 

९ परोसे हुए भोजन की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए !

 

१०. खाने से पूर्व अन्न देवता , अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर के , उनका धन्यवाद देते हुए , तथा सभी भूखो को भोजन प्राप्त हो इस्वर से ऐसी प्राथना करके भोजन करना चाहिए !

 

११. भोजन बनाने वाले तथा स्नान करके ही शुद्ध मन से , मंत्र जप करते हुए ही रसोई में भोजन बनाये । और सबसे पहले ३ रोटिया अलग निकाल कर ( गाय , कुत्ता , और कौवे हेतु ) फिर अग्नि देव का भोग लगा कर ही घर वालो को खिलाये !

 

१२. इर्षा , भय , क्रोध , लोभ , रोग , दीन भाव , द्वेष भाव , के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है !

 

१३. आधा खाया हुआ फल , मिठाईया आदि पुनः नहीं खानी चाहिए !

 

१४. खाना छोड़ कर उठ जाने पर दुबारा भोजन नहीं करना चाहिए !

 

१५. भोजन के समय मौन रहे !

 

१६. भोजन को बहुत चबा चबा कर खाए !

 

१७. रात्री में भरपेट न खाए !

 

१८. गृहस्थ को ३२ ग्रास से ज्यादा न खाना चाहिए !

 

१९. सबसे पहले मीठा , फिर नमकीन , अंत में कडुवा खाना चाहिए !

२०. सबसे पहले रस दार , बीच में गरिस्थ , अंत में द्राव्य पदार्थ ग्रहण करे !

 

२१. थोडा खाने वाले को --आरोग्य , आयु , बल , सुख, सुन्दर संतान , और सौंदर्य प्राप्त होता है !

 

२२. जिसने ढिढोरा पीट कर खिलाया हो वहा कभी न खाए !

 

२३. कुत्ते का छुवा , रजस्वला स्त्री का परोसा , श्राध का निकाला , बासी , मुह से फूक मरकर ठंडा किया , बाल गिरा हुवा भोजन , अनादर युक्त , अवहेलना पूर्ण परोसा गया भोजन कभी न करे !

 

२४. कंजूस का , राजा का , चरित्रहीन के हाथ का , शराब बेचने वाले का दिया भोजन कभी नहीं करना चाहिए.

देववाणी एंड्रायड एप डाउनलोड

वार्ताः


ग्रहों की कुछ विशेष राशियों में अशुभ प्रकृति...

१-सूर्य कुंभ मे २-चंद्रमा मकर मे ३-मंगल तुला मे ४-शुक्र म [ ... ]

अधिकम् पठतु
११५ ऋषियों के नाम,जो कि हमारा गोत्र भी है...* ...

*११५ ऋषियों के नाम,जो कि हमारा गोत्र भी है...* =================================== च [ ... ]

अधिकम् पठतु
आपकी राशि के अनुसार शिव अर्चना...

आपकी राशि और शिव पूजा शिव पुराण में उल्लेख हैं की महाशिवर [ ... ]

अधिकम् पठतु
बुद्ध और ब्राम्हण

बुद्ध और ब्राह्मण मूलनिवासी अकसर ब्राह्मणों को कोसते है [ ... ]

अधिकम् पठतु
सोमवार के ही दिन शिव की पूजा क्यों करते हैं जानें ...

🌿🌸🍃🌺🌿🌸🍃🌺🌿🌸🍃 *क्यों सोमवार" को ही *भगवान शिव की पूजा कर [ ... ]

अधिकम् पठतु
जानें महाशिवरात्री का वैज्ञानिक पहलू एवं छ्मा मंत्...

💐✍💐 *जानें महाशिवरात्रि का वैज्ञानिक पहलू और क्षमा मन्त [ ... ]

अधिकम् पठतु
रावण पराजय और सीता हरण क्यों...

*“ रावण - पराजय और सीता - हरण क्यों ?
“* नारायण ! श्रीमद् देवीभ [ ... ]

अधिकम् पठतु
महाशिवरात्री व्रत कथा...

महा देव औरशिवरात्रि जप तप ब्रतकी कथा पूर्व काल में चित्रभ [ ... ]

अधिकम् पठतु
एक रोचक कथा - पंडित अजय भारद्वाज द्वारा...

हमारे मन में बहुत बार यह ख्याल आता है कि क्या वो मालिक/ भगव [ ... ]

अधिकम् पठतु
महाशिवरात्रि 2018: तिथि को लेकर संशय दो तारीखों मे...

महाशिवरात्रि 2018: तिथि को लेकर संशय, कब निकलेगी भोलेनाथ की ब [ ... ]

अधिकम् पठतु
कमला सोहोनी

कमला सोहोनी १०१२ तमे वर्षे अजायत । तस्याः पिता नारायणराव [ ... ]

अधिकम् पठतु
कर्कटी (राक्षसी)

ब्रह्मवादिनीषु काचित् राक्षसी अपि अस्ति । सा तपः प्रभाव [ ... ]

अधिकम् पठतु
कपिलः (ऋषिः)

ऋषिः कपिलः सांख्यदर्शनस्य प्रवर्तकः अस्ति । भागवतपुराण [ ... ]

अधिकम् पठतु
कनकदासः


कनकदासः (Kanaka Dasa) श्रेष्ठः कीर्तनकारः । (Kannada:ಕನಕದಾಸರು)कर्णाटक [ ... ]

अधिकम् पठतु
कठसंहिता

कठसंहिता यजुर्वेदस्य सप्तविंशति-शाखासु अन्यतमाऽस्ति ।  [ ... ]

अधिकम् पठतु
अन्य लेख